सोलारिस

Science Fiction, Novel by स्तानिस्लाव लॅम

Blurb

सोलारिस सन् 1961 में पोलिश विज्ञान कथा लेखक स्तानिस्लाव लॅम द्वारा लिखा गया एक उपन्यास है, जिसमें मनुष्यों और एक अमानुष जीव के बीच सम्पर्क और प्रकारांतर से इस सम्पर्क की निष्फलता को दिखाया गया है।
इस काल्पनिक कथा में मनुष्य 'सोलारिस' नामक एक ग्रह का अध्ययन कर रहे हैं। वे ग्रह के इर्द-गिर्द कक्षा में परिक्रमा करते एक बड़े अंतरिक्ष यान को अड्डा बनाकर उसमें रह रहे हैं। उस ग्रह पर एक समुद्र फैला हुआ है जिसमें अजीब-अजीब सी चीज़ें होती रहतीं हैं, जैसे कभी विचित्र आकार के तैरते हुए द्वीप बन जाते हैं। धीरे-धीरे इस बात का खुलासा होता है कि पूरा ग्रह ही एक जीवित 'प्राणी' है। जिस तरह से मनुष्य उस पर शोध कर रहे हैं, वैसे ही वह मनुष्यों पर शोध आरम्भ कर देता है। उसमें मनुष्यों के विचारों को पढ़ने और उनके डरों और आशाओं को भांपने की क्षमता है। एक-एक कर के वह यान के सभी वैज्ञानिकों के विचारों से खिलवाड़ करता रहता है। मुख्य पात्र की एक प्रेमिका थी जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। सोलारिस उसी रूप की एक स्त्री को यान पर प्रकट कर देता है, जिस से उस नायक को गहरे असमंजस से गुज़रना पड़ता है।

First Published

1961

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m3t3or

M3t3or

Ich war enttäucht. Die Konzept-Idee ist sehr gut und war zur Zeot der Veröffentlichung bedtimmt einzigartig. Aber Lem's Schreibstil ist leider ziemlich langeweilig. Der ganzen Geschichte fehlt leider die Spannung

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