एनिमल फार्म

Satire by जॉर्ज ऑरवेल
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Blurb

एनिमल फार्म अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल की कालजयी रचना है। बीसवीं सदी के महान अंग्रेज उपन्‍यासकार जॉर्ज ऑरवेल ने अपनी इस कालजयी कृति में सुअरों को केन्‍द्रीय चरित्र बनाकर बोलशेविक क्रांति की विफलता पर करारा व्‍यंग्‍य किया था। अपने आकार के लिहाज से लघु उपन्‍यास की श्रेणी में आनेवाली यह रचना पाठकों के लिए आज भी उतनी ही असरदार है। जॉर्ज ऑरवेल के संबंध में खास बात यह है कि उनका जन्‍म भारत में ही बिहार के मोतिहारी नामक स्‍थान पर हुआ था। उनके पिता ब्रिटिश राज की भारतीय सिविल सेवा के अधिकारी थे। ऑरवेल का मूल नाम 'एरिक आर्थर ब्‍लेयर' था। उनके जन्‍म के साल भर बाद ही उनकी मां उन्‍हें लेकर इंग्‍लैण्‍ड चलीं गयीं थीं, जहां से‍वानिवृत्ति के बाद उनके पिता भी चले गए। वहीं पर उनकी शिक्षा हुई। एनीमल फॉर्म 1944 ई. में लिखा गया। प्रकाशन 1945 में इंग्लैंड में हुआ जिसे तब नॉवेला कहा गया, यद्यपि इसकी मूल संरचना एक लंबी कहानी की है। कथाकार ने इसे प्रथम प्रकाशन के समय शीर्षक के साथ एक 'फेयरी टेल' कहा, क्योंकि परी कथाओं के समान ही विभिन्न जानवर-जन्तु यहां उपस्थित हैं। प्रकाशन के साथ ही विश्व की सभी भाषाओं में इसके अनुवाद प्रकाशित हुए- फ्रांसीसी भाषा में तो कई-कई!! प्रसिद्ध टाइम मैगजीन ने वर्ष 2005 में एक सर्वेक्षण में 1923-2005 ई.

First Published

1945

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adam.arredondo

Adam.arredondo

Doesnt make sense most of the time. Hard to follow along. Also, didn't interest me at all.

0 Responses posted in January 2018
tpvales

Tpvales

THE MOST PERFECT DESCRIPTION OF USSR REGIME UNDER STALIN AND SOME MESAGES COULD BE APPLIED IN SOME CURRENT SITUATIONS

0 Responses posted in February 2015
Thiago1979

Thiago1979

espetacular

0 Responses posted in January 2015
caiio08

Caiio08

good

0 Responses posted in January 2015
pksengupta

Pksengupta

It is the most telling condemnation of a totalitarian state (like Soviet Russia then and perhaps now)

0 Responses posted in January 2015
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